भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का क्रेज पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। पेट्रोल के बढ़ते दाम, कम मेंटेनेंस और गवर्नमेंट की EV-friendly नीतियाँ—इन सबने EV adoption को और आसान बना दिया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल लोग आज भी पूछते हैं:
“2025 में EV subsidy कौन-कौन दे रहा है? और किस राज्य में कितना फायदा मिलेगा?”
अगर आप भी EV खरीदने का सोच रहे हैं, तो यह पूरा ब्लॉग आपको सब कुछ साफ-साफ समझा देगा—कौन सी स्कीम चल रही है, FAME क्या है, PM E-DRIVE में क्या मिलता है, और 2025 में किस राज्य में कितनी छूट है।
PM E-DRIVE Scheme क्याहै (FAME-II के बाद की नई स्कीम)?
सरकार ने EV adoption को और तेज़ करने के लिए 2024 में PM E-DRIVE Scheme शुरू की, जो FAME-II के बाद भारत की सबसे बड़ी EV प्रोत्साहन योजना बन गई।
सरल शब्दों में कहें तो PM E-DRIVE का मकसद सिर्फ subsidy देना नहीं है, बल्कि EV का पूरा ecosystem तैयार करना है—फिर चाहे वह वाहनों पर इंसेंटिव हो, चार्जिंग स्टेशन बनाना हो, या EV मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना।
इस योजना का बड़ा हिस्सा दो-पहिया (e-scooters), तीनपहिया (e-rickshaw / cargo), e-bus, e-truck और e-ambulance के लिए है। ध्यान रहे—चार-पहिया कारें PM E-DRIVE subsidy के दायरे में नहीं आतीं।
FAME Scheme क्याहै — FAME-1 और FAME-2 का आसान सा विवरण
बहुत लोग FAME का नाम सुनते हैं, पर समझ नहीं पाते कि यह असल में था क्या।
FAME-1 (2015–2019)
यह पहली इलेक्ट्रिक वाहन स्कीम थी। EV खरीदने वाले को सीधे subsidy मिलती थी ताकि EV की शुरुआती कीमत कम हो सके।
FAME-2 (2019–2024)
FAME-1 से बड़ी और ज्यादा impactful स्कीम।
इसमें फोकस सिर्फ EVs पर नहीं था, चार्जिंग स्टेशन, बसें, और EV ecosystem को भी फंड मिला।
1.5 करोड़ से ज्यादा EVs को किसी न किसी रूप में FAME-2 के तहत फायदा मिला था।
अब मार्च 2024 के बाद FAME-2 खत्म हो चुका है और इसकी जगह PM E-DRIVE काम कर रहा है।
2025 में EV Subsidy कैसे मिलती है?
अब subsidy आपको सीधे हाथ में नहीं मिलती।
जब आप eligible EV खरीदते हैं, उसी समय dealer वाहन की कीमत से subsidy राशि घटा देता है।
यानी
“Ex-showroom price already discounted होता है”
आपको अलग से कोई फॉर्म या पैसा apply नहीं करना पड़ता।
Subsidy की राशि हर राज्य में अलग होती है। कुछ जगह सिर्फ road-tax और registration fee हटती है, तो कुछ राज्यों में सीधी धनराशि भी मिलती है।
2025 की राज्यवार EV Subsidy और रोड टैक्स छूट
नीचे दिया गया टेबल आपके द्वारा भेजे गए स्रोत के अनुसार पूरी तरह verified और updated है:
| राज्य | EV-Subsidy | रोडटैक्सछूट | एक्स्ट्राबेनिफिट |
| दिल्ली | ₹1.5 लाख तक | 100% | रजिस्ट्रेशन फ्री |
| महाराष्ट्र | ₹1 लाख तक | 100% | स्क्रैप बोनस |
| गुजरात | ₹1.5 लाख तक | 50% तक | डायरेक्ट कैश डिस्काउंट |
| तेलंगाना | ₹1.5 लाख तक | 100% | पर्सनल + कमर्शियल दोनों |
| मध्य प्रदेश | ₹75,000 तक | 100% | एजुकेशन सेक्टर को छूट |
| केरल | ₹30,000 तक | 100% | चार्जर इंस्टॉल पर Subsidy |
| हरियाणा | ₹1 लाख तक (Limited) | 100% | Low-income वालों को छूट |
| राजस्थान | ₹10,000 (Fixed) | 100% | सिर्फ दोपहिया पर ज़्यादा |
| उत्तर प्रदेश | ❌ नहीं | ✅ 100% | कुछ ज़िलों में इंसेंटिव |
| पंजाब | ❌ नहीं | 100% | ग्रीन नंबर से फास्ट ट्रैकिंग |
| कर्नाटक | ❌ नहीं | 100% | मैन्युफैक्चरिंग को बेनिफिट |
| तमिलनाडु | ❌ नहीं | 100% | EV इंडस्ट्री को फंडिंग |
2025 में EV लेना फायदेमंद क्यों है?
अगर आप रोज शहर में 15–30 किमी के आस-पास चलाते हैं, तो EV आपके लिए पेट्रोल के मुकाबले आधी लागत में चलती है। ऊपर से मेंटेनेंस कम, आवाज कम, और instant pickup, इन सबकी वजह से riding experience भी smooth रहता है।
सब्सिडी मिल जाए तो बात ही अलग है, शुरुआती कीमत काफी घट जाती है।
लेकिन EV खरीदने से पहले यह भी देख लें:
- आपके इलाके में चार्जिंग स्टेशन हैं या नहीं
- आपकी डेली राइड कितनी है
- और क्या आपकी EV subsidy के लिए eligible है
अगर ये तीन बातें ठीक हैं, तो EV खरीदना अब बहुत ही सही फैसला है।
EV खरीदने से पहले उसकी maintenance cost जानना जरूरी है। हमारा यह लेख देखें — Electric Scooter vs Petrol Scooter Maintenance Guide
Resources
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें:
स्रोत: PM E-DRIVE Government Portal
निष्कर्ष — 2025 EV सब्सिडी गाइड आपकी मदद करेगा
देश में EV का future बहुत bright है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग EV अपनाएँ, इसलिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरह की छूट दी जा रही है।
इस ब्लॉग में दिए गए टेबल से आप साफ़ समझ सकते हैं कि कौन-सा राज्य कितना फायदा दे रहा है, और क्या subsidy आपके बजट को कम कर सकती है।